11 काहकी शरिर क जीव लुहूय मा रवतु छे; आरू उकान हाव तुमु लोगहन क वेदी पर चढ़ावने करता आपला छे कि तुमरा जीवन करता लुहूय करता पश्चाताप कर्यो जासे; काहकी जीव क करता लुहूय सी पश्चाताप हुये।
11 काहकी शरिर क जीव लुहूय मा रवतु छे; आरू उकान हाव तुमु लोगहन क वेदी पर चढ़ावने करता आपला छे कि तुमरा जीवन करता लुहूय करता पश्चाताप कर्यो जासे; काहकी जीव क करता लुहूय सी पश्चाताप हुये।