6 तुमु मा सी कुई आपनी काहनी नाट वाळी परिवार वाळीक डिल उघाड़नेक उकान जु नी जाए। हाव योहोवा छेव। 7 आपसी आईस न डिल, जो तुमरा बास न डिल छे, नी उघाड़नु; ची ते तुमरी आया छे, एरकरता तुमु उकान डिल नी उघाड़नु। 8 आपनी दिसरी आयान भी डिल नी उघाड़नु; चो ते तुमरा बासनुज ते छे। 9 आपनी बोहनी चाहे एकुज आयान रवे कि दिसरी आयान होसे, चाहे ची घरमा पयदा होई होसे चाहे बाहरते, उकिन डिल नी उघाड़नु। 10 आपसा पोर्यान पोराय पुतनी या नातनीन भी डिल नी उघाड़नु, उकिन डिल ते मानु तुमरो छे। 11 तुमरी सौतेली बोहनी जी तुमरा बास सी पयदा हुई, ची तुमरी बोहनी छे, ओका कारन उकान डिल नी उघाड़नु।
12 आपनी फुईन डिल नी उघाड़नु; ची ते तुमरा बासन नाट बयणी छे। 13 आपनी मावसीन डिल नी उघाड़नु; काहकी ची तुमरी आयान कुटुंबन नाट वाळी छे। 14 आपना काकान डिल उगाड़नु, मतलब उकान बायरक साते नी जानु; ची ते ओकान काकी छे। 15 आपनी वोवड़िस डिल नी उगाड़नु; ची ते तुमरा पोर्याक लाड़ी छे, ओका कारण तुमू ओकान डिल नी उगाड़नु। 16 आपनी भाभीन डिल नी उगाड़नु; चो ते तुमरा भाईसक डिल छे। 17 एकदी बायर आरू हेकी पोरायक डिल नी उगाड़नु, आरू हेकी पुतनीक या हेकी नातनीक आपनी बायर समजीन हेकी डिल नी उगाड़नु, ची ते नाट कुटुम्ब वाळी छे; ओसो करनु महापाप छे। 18 आरू आपनी बायरक भोहनीक आपनी बायर समजीन हेकी बोयंडळ नी बनावनु काहकी पेहली जीविता रयता रयता हेकी डिल भी उगाड़े।
19 पछु जव तक एकदी बायर आपना ऋतुन कारन अशुद्ध रया तव तक ओकान जु ओकान डिल उगाड़ने क नी जानु। 20 पछा आपना भाईबन्धुक बायर सी कुकर्म करीन अशुद्ध नी होय जानु। 21 आपना सन्तान मा सी काहनाक मोलेकक करता होम करीन नी चढ़ावनु, आरू नी आपना परमेश्वरक नावक विटुळ ठरावनु; हाव योहोवा छेव। 22 स्त्रीगमनक रीति सी पुरूषगमन नी करनु; चो ते घिनौनो काम छे। 23 एकदि जातिन पशुक साथे पशुगमन करीन अशुद्ध नी होय जानु, आरू नी एकदि बायर पशुक सामने एरकरता उभी होए के उकान साथे कुकर्म करे; यी ते उलटी वात छे।