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निउतरह्या 7

44 गवतमउज़-हमखनकरहििििपरमवरसिलक आदअनबनिरहे, कर आकअपिीँ कल रहे। 45 बहहमखनकगवतमयहअगइमअपन लयनाँ, ओइनअपन अधिरमकरलरहिँऔर जहाँपरमवर हमखनकआघर-यहिनहिरदरहिँऔर तमऊद रजवक समयसम पलिरहल46 परमवर ऊदकअनरह करलाँ, और ऊद बकपरमवरकलग एकथबनइक लग परमवरसअनमति ाँगल47 पर परमवरकलग मनिऊदकबनलस48 पर सरपरमवर ाँबनइल मनिरमरथाँ। जसिपरमवरकअगमवकयशयक िबकिखल ा,

49 "परमवर कथाँ, वरििंसन ो। और िधरनो।

िलग एकथमनिबनजहाँ रथुँ।

और िलग एकथिँबनो।

50 अपिीँ सकिजहबनु?"

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