पौलुस की प्रार्थना
15 यो करण, मी भी वु विश्वास को खबर सुनीखे जो तुम दुन्याहोन मे प्रभु यीशु पर हइ अरु सब पवित्र दुन्याहोन पर तुमारो प्रेम हइ, 16 तुम्हारा लिये धन्यवाद करणो नी छोड्यो थो अरु अपनी प्रार्थनाहोन मे तुमखे याद कर्यो करस हय 17 कि हमारो प्रभु यीशु मसीह को परमेश्वर जो महिमा को बाप हइ, तुमखे अपनी पैछान मे ज्ञान अरु प्रकाशन कि आत्मा दि दिये तु ओका अच्छा से जानी सक्ता 18 अरु तुमारो मन की आख ज्योतिर्मय हय कि तुम समजी ले कि वोकीय बुलाहट कि आस, हइ, अरु पवित्र दुन्या मे वोकि मीरास की महिमा, धन करणु हइ, 19 अरु वोकी सामर्थ्य हम मे जो विश्वास करते हइ,त्तो महान हइ,वोकी शक्ति को प्रभाव को वु काम को जसो 20 जो वोने मसीह मे कर्यो की ओको मुर्दा मे से जिन्दो हुय खे स्वर्गीय जगा मे अपनो जवना तरप1:20 भजन संहिता 110:1 21 सब प्रकार को प्रधानता,अरु अधिकार, अरु हर एक नाम, उपर, चाह्ये यो जमाना, यो आन आलो जमाना खे. 22 उनने सब कुछ उनका आधीन करी दियो अरु मंडली, लिये सभ चिजहोन, शिरोमणी रोखी दियो.1:22 भजन संहिता 8:6 23 मंडली, जो उनका आंग, उनकी पुरो हइ, जो सब मे सब कुछ भरी खे करस हइ.