मसीह कि आंग कि एकता
1 येका लिये मी, जो प्रभु का लिये बन्दी हूये खे तरा से अरु प्रार्थना करुस हय कि तुम्हारी जीवन शैली तुम्हारा बुलाना का अनुरुप हइ 2 तुम मे विशुद्ध विनम्रता, सौम्यता अरु धीरज का एक दुसरा मे प्रेम मे सहन को भाव भरी जाए.
1 येका लिये मी, जो प्रभु का लिये बन्दी हूये खे तरा से अरु प्रार्थना करुस हय कि तुम्हारी जीवन शैली तुम्हारा बुलाना का अनुरुप हइ 2 तुम मे विशुद्ध विनम्रता, सौम्यता अरु धीरज का एक दुसरा मे प्रेम मे सहन को भाव भरी जाए.