16 तु जयखे शूशनगढ का सब यहुदिहोन खे जमा कर, अरु तुम सब मिलीखे मरा लिये उपवास कर, तीन दिन अरु तीन रात खे कुछ नी खानू, अरु कुछ नी पिनु, मी भी मरी सहलिहोन सहीत या रीति से उपवास कऱ्यु, अरु असी हि दशा मे मी नियम का विअरुध्द राजा का पास अंदर जायु, अगर खमत हुयर गइ ते हुइ गइ;