घर बनानआलो दो प्रकार को इन्सान46 जब तुम मेरो बोलनो नी मानस. तो क्यु मेखे हे प्रभु. हे प्रभु. बोलस हय?
घर बनानआलो दो प्रकार को इन्सान46 जब तुम मेरो बोलनो नी मानस. तो क्यु मेखे हे प्रभु. हे प्रभु. बोलस हय?