12 अखमीर रोटी को तीवार, पहीला दिन को जब फसह को बलि दान करता था, वे दिन ओका सेवक होन ओखे बोल्यो का अपुन फसह खानो खाया करीखे हम खा जयखे तैयारी कर असी हमारी इच्छा हइ? 13 फिर मरा नाम ओने अपना सेवक मेसे दो झन भेज ते से बतायो, की नगर मे जा अरु मनजो कोय एक इन्सान पानी को मडको लीखे जाते तुमखे मील्हे,ओका पिछे जा.