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1 Tessalonicenses 1

अभिदन

1 , िलवऔर िओर िसलिों कलिपरम्‍वर िऔर रभमसें : ें1:1 कुछ हस्तलेखों में यहाँ "हमारे परमेश्‍वर पिता और प्रभु यीशु मसीह की ओर से" लिखा है। अनरह और ांि िे।

िसलिों ि्‍

2 हम अपनथनें ें मरण करतसब िपरम्‍वर सदधनयवकरतैं, 3 और अपनपरम्‍वर और िमनि्‍, परिरम और अपनरभमसें आशढ़तितर मरण करतैं। 4 इयो, परम्‍वर िो, हम नतैं ि ो, 5 ोंि हमसमवल शबों ें नहीं बलि मरें और पविआतें तथआश्‍सन पहुँा। नति हम ििरकरहते। 6 बड़ें पविआतआनवचन रहण करकहमऔर रभअनकरण करनबन गए, 7 िसकपरियह ि मकििऔर अखसब ि्‍िों िआदरबन गए8 ोंि यहाँ रभवचन वल मकििऔर अखें ूँा, बलि परम्‍वर रति ि्‍1:8 या, विश्‍वास का समाचार हर जगह गयै। अतहमें कहनआवशयकतनहीं रही। 9 वयहमिषय ें बतैं ि हमगत , और िों परम्‍वर ओर िि िऔर सच्‍परम्‍वर करो, 10 और उसकअरवरआनरतकरो, िउसनतकों ें िऔर हमें आनरकबचै।

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1 Tessalonicenses
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