हाजिरा और इश्माएल
1 अब्राम की पत्नी सारै की कोई संतान नहीं थी। उसके पास हाजिरा नाम की एक मिस्री दासी थी। 2 सारै ने अब्राम से कहा, "देख, यहोवा ने तो मेरी कोख बंद कर रखी है। इसलिए तू मेरी दासी के पास जा; संभव है कि उसके द्वारा मुझे संतान प्राप्त हो।" सारै की यह बात अब्राम ने मान ली। 3 जब अब्राम को कनान देश में रहते हुए दस वर्ष बीत चुके तब उसकी पत्नी सारै ने अपनी मिस्री दासी हाजिरा को लेकर अपने पति अब्राम को सौंप दिया कि वह उसकी पत्नी हो।