18 फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, "आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं; मैं उसके लिए एक उपयुक्त सहायक बनाऊँगा।" 19 तब यहोवा परमेश्वर ने भूमि में से प्रत्येक प्रजाति के वनपशु और आकाश के सब प्रकार के पक्षियों को रचा और उन्हें आदम के पास लाया कि देखे वह उनका क्या-क्या नाम रखता है; और आदम ने प्रत्येक जीवित प्राणी का जो-जो नाम रखा, वही उसका नाम हो गया। 20 आदम ने सब घरेलू पशुओं, आकाश के पक्षियों, और भूमि के सब वनपशुओं के नाम रखे, पर आदम के योग्य कोई सहायक न मिला। 21 अत: यहोवा परमेश्वर ने आदम को गहरी नींद में डाल दिया, और जब वह सो गया तो उसने उसकी एक पसली निकाली और उसकी जगह मांस भर दिया। 22 तब यहोवा परमेश्वर ने उस पसली से जो उसने आदम में से निकाली थी, एक स्त्री की रचना की; और उसे आदम के पास ले आया। 23 तब आदम ने कहा, "यह तो मेरी हड्डियों में से निकली हड्डी, और मेरे मांस में से निकला मांस है; अतः यह नारी कहलाएगी, क्योंकि यह नर में से निकाली गई है।"
24 इस कारण पुरुष अपने पिता और अपनी माता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे।