7 तब यूसुफ अपने पिता याकूब को अंदर ले आया और उसे फ़िरौन के सामने खड़ा किया, और याकूब ने फ़िरौन को आशीर्वाद दिया। 8 फ़िरौन ने याकूब से पूछा, "तेरी आयु कितनी है?"
9 याकूब ने फ़िरौन से कहा, "एक परदेशी के रूप में मैं एक सौ तीस वर्ष बिता चुका हूँ। मेरे जीवन के दिन थोड़े और कष्टदायक रहे हैं, और मेरी आयु के दिन अभी उतने नहीं हुए जितने मेरे पूर्वजों ने परदेशी होकर बिताए हैं।" 10 तब याकूब फ़िरौन को आशीर्वाद देकर उसके सामने से चला गया।
11 तब यूसुफ ने अपने पिता और भाइयों को फ़िरौन की आज्ञा के अनुसार मिस्र देश के सब से अच्छे भाग अर्थात् रामसेस क्षेत्र में भूमि देकर बसा दिया। 12 यूसुफ ने अपने पिता, और अपने भाइयों, और अपने पिता के सारे घराने के लिए उनके बाल-बच्चों की गिनती के अनुसार भोजन-सामग्री की व्यवस्था की।