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मत्ती रचित सुसमाचार 15

3 इस पर उसनउनसकहा,"अपनपरपरिपरम्‍वर आजउल्‍घन ों करतो? 4 ोंि परम्‍वर कह15:4 कुछ हस्तलेखों में "कहा" के स्थान पर "आज्ञा दी" लिखा है।: अपनिऔर अपनआदर कर15:4 निर्गमन 20:12; व्यवस्था 5:16और अपनिकहवह ि्‍चय 15:4 निर्गमन 21:17; लैव्य 20:9 5 परकहतअपनिअपनकहे, "ें झसिलनवह परम्‍वर अरिै," 6 उसअपना-ि15:6 कुछ हस्तलेखों में "माता" नहीं है।आदर करनआवशयकतनहीं।’ इस रकमनअपनपरपरिपरम्‍वर वचन यरठहरिा। 7 िो, यशिषय ें भवियव:

8 ोंों आदर करतैं,

परइनकमन झसबहैं;

9 मनों ियमों

धरम-शिें िकर

यरें उपसनकरतैं।" 15:9 यशायाह 29:13

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