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Provérbios 1

िवचन उद

1 ऊद , इसएल िवचन :

2 इनकमनि और ि्‍‍करे,

और समझ ों पहचे;

3 और यवहर-कशलता,

िकता, , और िपकषति्‍करे।

4 इनकसमझ ों समझ,

और जवऔर समझदिे;

5 िइनें नकर अपनबढ़,

और समझदयक्‍ि गदरशन ्‍करे,

6 ि िवचन और ्‍ांो,

तथिों वचन और उनकपहिों अरसमझें।

7 यहभय ननि ै;

ि और िसमझतैं।

वकों िंरहनसल

8 , अपनिि,

और अपन,

9 ोंि िियम,

और गलैं।

10 , यदि सलँ,

उनकनना।

11 यदि कहें, "हमचल ि

हम हतकरनिलगँ;

चल हम िों पर करनें रहें,

12 चल, हम अधसमउनें िी,

अरकबें ों सम,

िगल ँ।

13 हमें सब रकअनमवस्‍ोंी,

और हम अपनघरों भर ेंे;

14 हमिा,

हम सब एक बटा।"

15 ो, , ें उनकचलना,

और उनकें अपनरखना,

16 ोंि उनककरनड़तैं,

और हतकरनततपर रहतैं।

17 जब पकरहो,

तब यरै।

18 अपनहतिलगैं,

और अपनों ें रहतैं।

19 अनिि कमकरनसब िों ऐसै,

और यहउनकनष्‍रण ै।

ि

20 ि सड़क पर र-ज़ै,

ों पर अपनआवकरतै;

21 वह भरों पर रतै,

नगर टकों पर वह अपनें कहत:

22 "समझ ो, कब तक समझि रखे?

ठटकरनकब तक ठटकरनरसन्‍रहेंे,

और कब तक रखेंे?

23 यदि ड़नपर ो,

ैं अपनआतपर ूँ

और ें अपनवचन बती।

24 ैंपरमनननइनकिा,

ैंबढ़परििा,

25 बलि मनहर सममति अनसिा,

और ड़ना;

26 इसलिजब पर िपति आएगैं ूँी;

और जब पर भय एगा,

27 बलि जब समपर भय पड़ा,

और िपति बवडर समपड़ी,

और कट और ें पड़े,

तब ैं ठटकरूँी।

28 उस समय ेंे, पर ैं ूँी;

यत्‍ूँेंे, पर े।

29 ोंि उनोंरखा,

और यहभय नना।

30 उनोंसममति ी,

बलि हर ड़नसमझा।

31 इसलिअपनकरनफल ेंे,

और अपन्‍िों फल अघे।

32 ोंि समझ ों भटक

उनकरण ा,

और ों ि्‍िंरहन

उनकरण ा।

33 परनतै, वह रकिकरा,

और िपति िडरख-चरहा।"

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