9 "बल्कि जैसा लिखा है वैसा ही हुआ
जो चीज़ें न आँखों ने देखीं
न कानों ने सुनी
न आदमी के दिल में आईं वो सब
ख़ुदा ने अपने मुहब्बत रखनेवालों के लिए तैयार कर दीं।"
10 लेकिन हम पर ख़ुदा ने उसको रूह के ज़रिए से ज़ाहिर किया क्यूँकि रूह सब बातें बल्कि ख़ुदा की तह की बातें भी दरियाफ़्त कर लेता है।