14 बे’ईमानों के साथ ना हमवार जूए में न जुतो, क्यूँकि रास्तबाज़ी और बेदीनी में क्या मेल जोल? या रौशनी और तारीकी में क्या रिश्ता? 15 वो मसीह को बली’आल के साथ क्या मुवाफ़िक़ या ईमानदार का बे’ईमान से क्या वास्ता? 16 और ख़ुदा के मक़्दिस को बुतों से क्या मुनासिबत है? क्यूँकि हम ज़िन्दा ख़ुदा के मक़दिस हैं चुनाँचे ख़ुदा ने फ़रमाया है,
"मैं उनमें बसूँगा और उन में चला फिरा करूँगा
और मैं उनका ख़ुदा हूँगा
और वो मेरी उम्मत होंगे।"
17 इस वास्ते ख़ुदावन्द फ़रमाता है कि
उन में से निकल कर
अलग रहो
और नापाक चीज़ को न छुओ
तो मैं तुम को क़ुबूल करूँगा।