14 जब इब्रहाम ने सुना कि उसका भाई गिरफ़्तार हुआ, तो उसने अपने तीन सौ अट्ठारह माहिर लड़ाकों को लेकर दान तक उनका पीछा किया। 15 और रात को उसने और उसके ख़ादिमों ने गोल — गोल होकर उन पर धावा किया और उनको मारा और खू़बा तक, जो दमिश्क़ के बाएँ हाथ है, उनका पीछा किया। 16 और वह सारे माल को और अपने भाई लूत को और उसके माल और 'औरतों को भी और और लोगों को वापस फेर लाया।
18 और मलिक — ए — सिदक़, 14:18 यरूशलेमसालिम का बादशाह, रोटी और मय लाया और वह ख़ुदा ता’ला का काहिन था। 19 और उसने उसको बरकत देकर कहा कि ख़ुदा ता’ला की तरफ़ से जो आसमान और ज़मीन का मालिक है, इब्रहाम मुबारक हो। 20 और मुबारक है ख़ुदा ता’ला जिसने तेरे दुश्मनों को तेरे हाथ में कर दिया। तब इब्रहाम ने सबका दसवाँ हिस्सा उसको दिया।