Pular para o conteúdo
Publicidade

अय्यूब 30

अयअपनदरें करन

1 "िअब वह कम उमैं मज़ाकरतैं,

िनकअपनगलों रखनगवा।

2 बलि उनकों ि़ायदपहुँएगी?

वह ऐसआदमैं िनकजव़ो़ाइल गया।

3 वह ़ुरबत और हत बलगए ैं,

वह और नसें ़ाटतैं।

4 वह ़िों िैं,

और जड़ें उनक़ूै।

5 वह ों ़ागए ैं,

उनकऐसिैं े।

6 उनकिों दरख़्ों ें,

और ़ाों और भटों ें रहनपडै।

7 वह ़िों ैंकते,

और ़ों इकटपड़े रहतैं।

8 वह वक़ू़ों बलि कमों औलैं,

वह कर िगए े।

9 और अब ैं उनकबनूँ,

बलि उनकिएक ितरह ूँ।

10 वह नफरत करते;

वह खड़े े,

और ुँपर कननहीं रहतैं।

11 ूँि ु़िकर िऔर पर आफी,

इसलिवह मनलगगए ैं।

12 दहनपर ों मजमा' उठतै;

वह ाँएक तरफसरकैं,

और ़िअपनहलिें िलतैं।

13 ऐसिनकमददगनहीं,

िे,

और बत बढ़ाैं'।

14 वह बड़े ें कर आतैं,

और तबें पर पडैं।

15 दहशत पर गई'

वह हवतरह आबरउड़ाै।

'आफ़ियत दल तरह रही।

16 "अब दर गई,

िों जकडिै।

17 वक़्हडिाँ दर िैं

और वह दरैं, दम नहीं े।

18 मरजिदत बदनगयी;

वह हन ितरह िपटै।

19 उसनचडें धकिै,

ैं ़ाऔर तरह गयूँ।

20 ैं िकरतूँ, और जवनहीं ा;

ैं खड़ा ूँ, और रनलगतै।

21 बदल कर पर रहम गयै;

अपऩू सतै।

22 ऊपर उठकर हवपर सवकरतै,

और ें ै।

23 ूँि ैं नतूँ ि

और उस घर तक सब ़िों िरर ै।

24 'तबवक़्अपनबढ़ाएगा,

और बत ें िकरा?

25 ैं दरदमनिा?

हतिमग़ीी?

26 जब ैं भलतज़िा,

आई जब ैं शनिठहरा, आई

27 तड़िाँ उबल रहैं और आरनहीं ीं;

पर बत िपड़े ैं।

28 ैं बगै़गयूँ।

ैं मजमे' ें खड़ा कर मदद ििकरतूँ।

29 ैं दड़ों ,

और तर ़ों ूँ।

30 कर पर िरत

और हडिाँ हररत जल गई

31 इसिितम,

और ाँसलआविकलतै।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também