8 में कहता हूँ कि ख़ुदा की सच्चाई साबित करने के लिए मसीह मख़्तूनों का ख़ादिम बना ताकि उन वा’दों को पूरा करूँ जो बाप दादा से किए गए थे। 9 और ग़ैर क़ौमें भी रहम की वजह से ख़ुदा की हम्द करें चुनाँचे लिखा है,
"इस वास्ते मैं ग़ैर क़ौमों में तेरा इक़रार करूँगा
और तेरे नाम के गीत गाऊँगा।"
10 और फिर वो फ़रमाता
है "ऐ’ग़ैर क़ौमों उसकी उम्मत के साथ ख़ुशी करो।"
11 फिर ये
"ऐ, ग़ैर क़ौमों ख़ुदावन्द की हम्द करो
और उम्मतें उसकी सिताइश करें!"
12 और यसायाह भी कहता है
यस्सी की जड़ ज़ाहिर होगी
या’नी वो शख़्स जो ग़ैर क़ौमों पर हुकूमत करने को उठेगा,
उसी से ग़ैर क़ौमें उम्मीद रख्खेंगी।
13 पस ख़ुदा जो उम्मीद का चश्मा है तुम्हें ईमान रखने के ज़रिए सारी ख़ुशी और इत्मीनान से मा’मूर करे ताकि रूह — उल क़ुद्दूस की क़ुदरत से तुम्हारी उम्मीद ज़्यादा होती जाए।