8 याद रखें कि मसीह अल्लाह की सदाक़त का इज़हार करके यहूदियों का ख़ादिम बना ताकि उन वादों की तसदीक़ करे जो इब्राहीम, इसहाक़ और याक़ूब से किए गए थे। 9 वह इसलिए भी ख़ादिम बना कि ग़ैरयहूदी अल्लाह को उस रहम के लिए जलाल दें जो उसने उन पर किया है। कलामे-मुक़द्दस में यही लिखा है,
"इसलिए मैं अक़वाम में तेरी हम्दो-सना करूँगा,
तेरे नाम की तारीफ़ में गीत गाऊँगा।"
10 यह भी लिखा है,
"ऐ दीगर क़ौमो, उस की उम्मत के साथ ख़ुशी मनाओ!"
11 फिर लिखा है,
"ऐ तमाम अक़वाम, रब की तमजीद करो!
ऐ तमाम उम्मतो, उस की सताइश करो!"
12 और यसायाह नबी यह फ़रमाता है,
"यस्सी की जड़ से एक कोंपल फूट निकलेगी,
एक ऐसा आदमी उठेगा
जो क़ौमों पर हुकूमत करेगा।
ग़ैरयहूदी उस पर आस रखेंगे।"
13 उम्मीद का ख़ुदा आपको ईमान रखने के बाइस हर ख़ुशी और सलामती से मामूर करे ताकि रूहुल-क़ुद्स की क़ुदरत से आपकी उम्मीद बढ़कर दिल से छलक जाए।