16 "यहोवा अपनीच कसम खाय क कह्य हय, कि तय न यो काम करयो हय; कहालीकि तय न मोरो लायी अपनो बेटा, यानेकि अपनो एकलौतो बेटा ख भी नहीं रख छोड़्यो; 17 यो वजह मय जरूर तोख आशीष देऊं, अऊर तोरो वंश ख आसमान को तारों, अऊर समुन्दर किनार को बहुत रेतु को जसो अनगिनत करूं, अऊर तोरो वंश अपनो दुश्मनों को नगरों को अधिकारी होयेंन; 18 अऊर धरती को पूरो राष्ट्र तोरो वंश को द्वारा मोरो सी आशीष हासिल करेंन : कहालीकि तय न मोरी आज्ञा सुन क ओको पालन करयो।"