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उत्पत्ति 45

5 अब मत पछतो, अऊर इत ो, उदमत ो; कहि परमवर हरबचहरआगिहय6 कहि अब अकहय; अऊर अब अऊर असेंि उननहीं ांगर चलेंअऊर नहीं अनें7 परमवर हरआगि धरतपर रहो, अऊर हरबचनहरबढ़े। 8 ि अब यहां पर जन नहीं, परमवरच ठहरयो; अऊर ओनच ि, अऊर ओकघर ी, अऊर िअधिठहरिहय

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