6 ओका अपनो दिल प एक मोहर को जसो रखो
अपनी बाँहा पर एक मोहर को जसो
काहेकि प्यार मऊत जित्तो मजबुत है
ओको घुस्सा कबर को जसो अटल है।
या धधकन वाली आग को जसो धधक्ता है
या एक सक्ति साली ज्वाला को जसो है।
7 पानी की पूर से भी प्रेम नी बुझ सका,
अऊर न महानदी हुन से डूब सका है।
"अदि कोई अपनो घर की पुरी दोऊलत प्रेम को बदला दे दे
तेभी वा बेजा फालतू ठहरेगो।"
दुलन को भई