10 जब दानिय्येल ख पता भयो कि ऊ चिट्ठी प दस्तकत करयो गयो है, तब ऊ अपनो घर म गयो जेकी उप्पर को कमरा को खिड़की हुन यरूसलेम को तरफ खुला रहवत रह, अऊर अपनी रीति को हिसाब से जसो ऊ दिन म तीन बार अपनो परमेस्वर को आगु घुटना हुन टेक ख प्रार्थना अऊर धन्यवाद करा, वसो ही तब भी करतो रयो।