34 याहवेह का धन्यवाद करो-वे भले हैं;
उनकी करुणा सदा की है.
35 तब यह दोहाई दी जाए, "हमारे उद्धार करनेवाले परमेश्वर, हमें छुड़ा लीजिए,
हमें इकट्ठा कर देशों से हमें छुड़ा लीजिए.
कि हम आपके पवित्र नाम का धन्यवाद करें
और आपकी स्तुति ही हमारा गौरव हो."
36 आदि से अनंत काल तक धन्य हैं.
याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर!
इस पर सारी प्रजा ने कहा, "आमेन" और "याहवेह की स्तुति हो!"