19 परमेश्वर मनुष्य तो हैं नहीं, कि झूठी बात करें,
न ही वह मानव की संतान हैं, कि उन्हें अपना मन बदलना पड़े.
क्या, यह संभव है कि उन्होंने कुछ कहा है?
और उन्हें वह पूरा करना असंभव हो गया?
19 परमेश्वर मनुष्य तो हैं नहीं, कि झूठी बात करें,
न ही वह मानव की संतान हैं, कि उन्हें अपना मन बदलना पड़े.
क्या, यह संभव है कि उन्होंने कुछ कहा है?
और उन्हें वह पूरा करना असंभव हो गया?