2 जब कभी अभिमान सिर उठाता है, लज्जा उसके पीछे-पीछे चली आती है,
किंतु विनम्रता ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करती है.
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किंतु विनम्रता ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करती है.
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