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सूक्ति संग्रह 23

लहवां

19 लक, नकर िवत्‍करो,

अपनदय रति समरिकर ो:

20 उनकगति ें रहना, मदयपि ैं

और उनकगति ें, ैं.

21 ोंि मतवों और ियति गरै,

और अति ींउनें िथड़े पहननिि ें आतै.

सतरहवां

22 अपनििें रखना, वह जनक ै,

और अपनवयपर उनें समझना.

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