20 खरे व्यक्ति को प्रचुरता में आशीषें प्राप्त होती रहती है,
किंतु जो शीघ्र ही धनाढ्य होने की धुन में रहता है, वह दंड से बच न सकेगा.
20 खरे व्यक्ति को प्रचुरता में आशीषें प्राप्त होती रहती है,
किंतु जो शीघ्र ही धनाढ्य होने की धुन में रहता है, वह दंड से बच न सकेगा.