7 अपनी ही दृष्टि में स्वयं को बुद्धिमान न मानना;
याहवेह के प्रति भय मानना, और बुराई से अलग रहना.
8 इससे तुम्हारी देह पुष्ट
और तुम्हारी अस्थियां सशक्त बनी रहेंगी.
7 अपनी ही दृष्टि में स्वयं को बुद्धिमान न मानना;
याहवेह के प्रति भय मानना, और बुराई से अलग रहना.
8 इससे तुम्हारी देह पुष्ट
और तुम्हारी अस्थियां सशक्त बनी रहेंगी.