6 ओ आलसी, जाकर चींटी का ध्यान कर;
उनके कार्य पर विचार कर और ज्ञानी बन जा!
7 बिना किसी प्रमुख,
अधिकारी अथवा प्रशासक के,
8 वह ग्रीष्मकाल में ही अपना आहार जमा कर लेती है
क्योंकि वह कटनी के अवसर पर अपना भोजन एकत्र करती रहती है.
6 ओ आलसी, जाकर चींटी का ध्यान कर;
उनके कार्य पर विचार कर और ज्ञानी बन जा!
7 बिना किसी प्रमुख,
अधिकारी अथवा प्रशासक के,
8 वह ग्रीष्मकाल में ही अपना आहार जमा कर लेती है
क्योंकि वह कटनी के अवसर पर अपना भोजन एकत्र करती रहती है.