Pular para o conteúdo
Publicidade

सूक्ति संग्रह 9:1-6,10

बुद्धि का आमंत्रण

1 ज्ञान ने एक घर का निर्माण किया है;

उसने काटकर अपने लिए सात स्तंभ भी गढ़े हैं.

2 उसने उत्कृष्ट भोजन तैयार किए हैं तथा उत्तम द्राक्षारस भी परोसा है;

उसने अतिथियों के लिए सभी भोज तैयार कर रखा है.

3 आमंत्रण के लिए उसने अपनी सहेलियां भेज दी हैं

कि वे नगर के सर्वोच्च स्थलों से आमंत्रण की घोषणा करें,

4 "जो कोई सरल-साधारण है, यहां आ जाए!"

जिस किसी में सरल ज्ञान का अभाव है, उसे वह कहता है,

5 "आ जाओ, मेरे भोज में सम्मिलित हो जाओ.

उस द्राक्षारस का भी सेवन करो, जो मैंने परोसा है.

6 अपना भोला चालचलन छोड़कर;

समझ का मार्ग अपना लो और जीवन में प्रवेश करो."

10 याहवेह के प्रति श्रद्धा-भय से ज्ञान का

तथा महा पवित्र के सैद्धान्तिक ज्ञान से समझ का उद्भव होता है.

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.