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Provérbios 9

ि आमरण

1 एक घर ििै;

उसनटकर अपनिगढ़े ैं.

2 उसनउतजन िैं तथउततम रस परै;

उसनअतििों िसभकर रखै.

3 आमरण िउसनअपनसहिां ैं

ि नगर सरथलों आमरण षणकरें,

4 "सरल-सरण ै, यहां !"

ििें सरल अभै, उसवह कहतै,

5 ", ें समिि.

उस रस वन करो, ैंपरै.

6 अपनलचलन कर;

समझ अपनऔर वन ें रवकरो."

7 यदि ठटकरनरतै, उसअपशबननपडैं;

यदि िांटतै, अपनऊपर अपशबआतै.

8 तब ठटकरनमत ांो, अनयथउसकओगे;

नवांो, उसकबने.

9 िनवो. इससवह और अधिनवएगा;

ििसजजन ो, इससवह अपनें बढएगा.

10 हवरति रदा-भय

तथमहपवििसमझ उदभव ै.

11 आय

तथआयवरबढ़ाे.

12 यदि िो, मकरतिफल ा;

यदि ठटकरनइसकपरिे.

13 मतखतउचवर ें बक-बक करतै;

वह ै, अजै.

14 उसकघर पर अपनआसन लगै,

जब वह नगर ें तब वह अपनिसरआसन ै,

15 वह उनकआहकरतै, वहां िकलतैं,

अपनओर अगरगैं,

16 "ा-ै, वह यहां !"

और ििों वह कहतै,

17 "लगतिजल;

िलगतवह जन, िा-िकर ै!"

18 भलउसि वह तकों ै,

ि उसकअतिि अधें पहुंैं.

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