15 हमर बर कोलिहामन ला पकड़व,
ओ नान-नान कोलिहामन ला
जऊन मन अंगूर के बारीमन ला उजारथें,
काबरकि हमर अंगूर के बारीमन म फूल आवत हवंय।
दुलहिन
15 हमर बर कोलिहामन ला पकड़व,
ओ नान-नान कोलिहामन ला
जऊन मन अंगूर के बारीमन ला उजारथें,
काबरकि हमर अंगूर के बारीमन म फूल आवत हवंय।
दुलहिन