11 यहोवा ह कहत हे,
"तुम्हर बहुंत अकन बलिदानमन
मोर का काम के अंय?
मोर करा मेढ़ा अऊ मोटा-ताजा पसुमन के चरबी के
जरूरत ले जादा होम-बलिदान हवय;
मेंह बछवा अऊ मेढ़ा-पीला अऊ बोकरामन के
लहू ले खुस नइं होवंव।
12 जब तुमन मोर मेर भेंट करे बर आथव,
त कोन ह कहिथे
कि तुमन मोर अंगना ला गोड़ ले खुंदव?
13 बेकार के बलिदान लाय बर बंद करव!
तुम्हर धूप ले मोला घिन होथे।
नवां चंदा, बिसराम दिन अऊ समारोहमन—
तुम्हर बेकार के ये सभामन ला मेंह सहन नइं कर सकंव।
14 तुम्हर नवां चंदा के जेवनार अऊ तुम्हर ठहिराय गय तिहारमन ले
मेंह अपन पूरा मन से घिन करथंव।
येमन मोर बर एक बोझ बन गे हवंय;
मेंह येमन के बोझ उठावत थक गे हंव।
15 जब तुमन पराथना म अपन हांथ फईलाथव,
त मेंह तुम्हर ले अपन आंखी मुंद लेथंव;
अऊ तुम्हर कतको पराथना करे ले घलो
मेंह तुम्हर नइं सुनंव।
"काबरकि तुम्हर हांथमन खून ले भरे हवंय!
16 "अपनआप ला धोके सुध करव।
मोर आंखी के आघू ले अपन दुस्ट काममन ला हटावव;
बुरई करई बर छोंड़ दव।
17 भलई करे बर सीखव; नियाय के खोज म रहव।
जेमन ऊपर अतियाचार होथे, ओमन के मदद करव।1:17 या अतियाचारीमन ला सुधारव
अनाथमन के नियाय करव;
बिधवामन के मुकदमा लड़व।"