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यसायाह 35

ों़ागय मनखमन आन

1 मरू-इयां अऊ इयां ीं;

िरजन इयां आनमनअऊ उहां धरही।

मरू-इयां मगन े, 2 सर सहीं धरही;

बहुंआनिअऊ आनजय-जयककरही।

लबमहििी,

अऊ कर करमअऊ सहीं ी;

ओमन यहमहिा,

हमर परमसर खहीं।

3 ांथमन मजबकरव,

कमज़ीमन मजबकरव;

4 घबरमनखमन कहव,

"मजबबनव, झन डरव;

हर परमसर आह

ओह बदलबर आही;

ईसवरबदल

ओह हर उदकरबर आही।"

5 धरमन

अऊ ैंमन घली;

6 तब रविरन सहीं दह

अऊ ोंमन अपन आनजय-जयककरहीं।

बरकि जर इयां िकलह

अऊ मरू-इयां नदलगही;

7 बरत इयां तरिबन

अऊ इयां मन टहीं।

अऊ एक समय िां िरमन रहत िि

उहां ांअऊ नरकट अऊ सरकमही।

8 अऊ उहां एक जमी;

पबितरतरदकही;

रदओमन बर ी, मन रदेंगथें।

असजन ओमनइसकही;

मनखमन नइसकहीं।

9 उहां िंनइी,

अऊ िंसक पसु;

पसमन उहां नइिलहीं।

पर ििों़ागय मन ओमेंगहीं,

10 अऊ मन यहबचहवय, ओमन लहुंटकआहीं।

ओमन वत िआहीं;

सदआनओमन ी।

अऊ आनओमन भर ीं,

अऊ अऊ अनी।

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