13 हे अकास, आनंद के मारे जय-जयकार कर;
हे धरती, आनंदित हो;
हे पहाड़मन, गला खोलके गीत गावव!
काबरकि यहोवा ह अपन मनखेमन ला सांति देथे
अऊ अपन दुखित मनखेमन ऊपर दया करही।
14 पर सियोन ह कहिस, "यहोवा ह मोला तियाग दे हवय,
परभू ह मोला भुला गे हवय।"
15 "का कोनो दाई अपन दूध पीयत लइका ला भुला सकत हे
अऊ अपन जनमाय लइका ऊपर कुछू दया नइं करय?
हां, ओह तो भुला सकत हे,
पर में तोला नइं भुलावंव!
16 देख, मेंह अपन हथेली म खोदके तोर तसबीर बनाय हंव;
तोर दीवारमन हरदम मोर आघू म बने रहिथें।