सेवक के दुख अऊ महिमा13 देखव, मोर सेवक ह बुद्धिमानी से काम करही; ओला खड़े करके ऊपर करे जाही अऊ ओला बहुंत उठाय जाही।
सेवक के दुख अऊ महिमा13 देखव, मोर सेवक ह बुद्धिमानी से काम करही; ओला खड़े करके ऊपर करे जाही अऊ ओला बहुंत उठाय जाही।