3 ओह मानव-जाति के दुवारा तुछ समझे गीस अऊ अस्वीकार करे गीस,
ओह दुखी मनखे रिहिस, अऊ पीरा ले ओकर जान-पहिचान रिहिस।
जइसे कोनो मनखे ले आने मनखेमन अपन चेहरा छुपाथें।
वइसे ओह तुछ समझे गीस अऊ हमन ओकर आदरमान नइं करेंन।
4 सही म ओह हमर पीरा ला ले लीस
अऊ हमर दुख ला सहिस,
तभो ले हमन ओला परमेसर के दुवारा दंड,
ओकर दुवारा मारे-कूटे अऊ दुख देय लईक समझेंन।
5 पर ओह हमर अपराधमन के कारन घायल करे गीस,
ओह हमर अधरम के काममन के कारन कुचरे गीस;
ओला दिये गय दंड ह हमर बर सांति लानिस,
अऊ ओला मिले घावमन के दुवारा हमन ला चंगई मिलथे।