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यसायाह 55

सन मनखमन बर वत

1 "सब सन मनखमन,

आवव;

अऊ मन करिनइ,

ओमन घलआव, िअऊ !

आवव, अऊ

िगर िअऊ िगर वव

2 जऊन हय, ओकर बर बर िखरच करन,

अऊ कर नइभरय, ओकर बर बर हनत करन?

नव, नव, अऊ वव जऊन बनअय,

अऊ मन सबलबढ़िजमन आनउठू।

3 लगवव, अऊ करआवव;

नव, ि मन यत रहव

ें हर एक सदकरकरहूं,

ि िसवसयमया, कर यदेंऊद कररहें

4 नव, ेंओलज-रमनखमन बर एक गव,

एक सन करइयअऊ वइयठहि

5 खचिें अइसन िमन बले, मन ें नइनस,

अऊ जऊन िमन ें नइनस, ओमन करदऊडआहीं,

यहपरमसर,

इसरयल पबितर परमसर रन ी,

बरकि ओह यमकरहवय"

6 जब तक यहिसकथे, तब तक ओकर रहव;

जब तक ओह लकठहवय, तब तक ओलरव

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