1 यहोवा ह ये कहत हे:
"स्वरग ह मोर सिंघासन,
अऊ धरती ह मोर गोड़ मढ़ाय के चौकी अय।
तुमन मोर बर कइसने घर बनाहू?
मोर बिसराम के ठऊर कहां होही?
2 का ये जम्मो चीज ला मोर हांथ ह नइं बनाय हे,
अऊ ये किसम ले येमन आकार लीन?"
यहोवा ह घोसना करत हे।
"येमन ऊपर मोर दया-दिरिस्टी रहिथे:
जऊन मन नम्र अऊ पछतापी मन के होथें,
अऊ जेमन मोर बचन सुनके कांपथें।