1 तभो ले, ओमन बर संकट भरे अंधियार खतम हो जाही, जेमन दुख-तकलीफ म रिहिन। बीते समय म तो ओह जबूलून के देस अऊ नपताली के देस के अपमान करिस, पर भविस्य म ओह समुंदर के तरफ जाय के रसता के दुवारा, यरदन नदी के ओ पार, आनजातमन के गलील प्रदेस के आदर करही—
2 जऊन मनखेमन अंधियार म चलत रिहिन
ओमन एक बड़े अंजोर ला देखिन;
अऊ घोर अंधियार के देस म रहइया मनखेमन के ऊपर
एक अंजोर चमकिस।
3 तेंह जाति ला बढ़ाय हवस
अऊ ओमन ला बहुंत आनंदित करे हवस;
ओमन तोर आघू म वइसने आनंदित होथें,
जइसने मनखेमन कटनी के समय आनंदित होथें,
ओमन वइसने आनंदित होथें
जइसने योद्धामन लूट के सामान ला बांटे के बेरा आनंदित होथें।
4 काबरकि तेंह ओमन के घेंच के भारी जुड़ा
ओमन के खांध के बहिंगा,
अऊ ओमन ऊपर अंधेर करइयामन के लउठी,
ये सबो ला अइसन टोर दे हवस,
जइसन मिदयानीमन के हार के दिन करे रहय।
5 लड़ई म उपयोग होवइया हर एक सैनिक के पनही
अऊ लहू म लपटे हर एक ओनहा,
सब आगी के कौंरा हो जाहीं,
सब आगी म बारे के काम आहीं।
6 काबरकि हमर बर एक बालक ह जनमे हे,
हमन ला एक बेटा दिये गे हवय,
अऊ परभूता ओकर खांध ऊपर होही।
अऊ ओकर नांव
अद्भूत युक्ति करइया, पराकरमी परमेसर,
अनंतकाल के ददा, अऊ सांति के राजकुमार रखे जाही।
7 ओकर परभूता सदा बाढ़त जाही,
अऊ ओकर सांति के अन्त नइं होही।
ओह दाऊद के सिंघासन
अऊ ओकर राज ऊपर सासन करही,
ओ समय ले लेके सदाकाल बर
नियाय अऊ धरमीपन के संग
ओकर राज ह स्थिर रहिही अऊ संभले रहिही।
सर्वसक्तिमान यहोवा के धुन ह
येला पूरा करही।