24 ऐहा गल्लो डाहणअ खास धैन कि आप्पू मांझ़ै एकी दुजे किहअ करै सका झ़ूरी अर भलै कामां करना लै मज़त करी। 25 आप्पू मांझ़ै कठा हणअ निं छ़ाडी, ज़िहअ कि कई भैस्स आसा, पर एकी-दुजै रहा समझ़ाऊंदै लागी, अर ज़िहअ-ज़िहअ प्रभूए फिरी एछणें धैल़ै तम्हैं नेल़ एछदअ भाल़े, तिहअ-तिहअ रहै होर बी खास्सै मिलदै-ज़ुल़दै लागी।
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