4 "हे गूरू, अह बेटल़ी ढाकी हाम्हैं मोक्कै दी कंज़रैई करदी। 5 बधाना दी आसा मोसा हाम्हां लै बोलअ द कि एही बेटल़ी लै लागा पात्थरो ढो दैणअ, ऐबै तेरी ऐहा बेटल़ीए बारै किज़ै राऐ आसा?"
6 अह गल्ल बोली तिन्नैं तेऊ परखणां लै ताकि तेऊ दी किज़ै नां किज़ै दोश काढी सके, पर ईशू रहअ उटी बाखा गुंठी करै धरनीं किज़ू लिखदअ लागी। 7 ज़ांऊं तिंयां पुछ़दै ई तै लागै दै, ईशू फिरअ तिन्नां लै स्मुखअ संघा बोलअ, "तम्हां मांझ़ै ज़ुंणी कधि पाप निं किअ, सह बाहा ऐहा बेटल़ी लै सोभी का पैहलै पात्थरै।"रोम. 2:1 8 तेखअ लागअ ईशू भिई गुंठी करै धरनीं माट्टै दी किज़ू लिखदअ।
9 इहअ शूणीं लागै करै तिंयां सोभ बडै का होछ़ै तैणीं एक-एक करी आपणीं बाता हांढदै। ईशू रहअ तिधी एक्कै ज़ण्हअ, अर सह बेटल़ी रही तिधी खल़्हुई। 10 ईशू बोलअ तैहा बेटल़ी, "हे ज़नानी, तिंयां केस्सी डेऊऐ? ताल्है सज़ा कोही निं दैनी?" 11 तैहा बोलअ, "हे प्रभू कोही निं।" तेखअ बोलअ ईशू तैहा लै, "हुंबी निं ताल्है कोई सज़ा दैंदअ, डेऊ, पर भिई निं पाप करी।"