1 तेखअ बोलअ ईशू तिन्नां मणछा अर आपणैं च़ेल्लै लै, "हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि ज़ुंण तम्हैं इधी आसा खल़्हुऐ दै, तम्हां मांझ़ै आसा कोऐ इहै बी, कि ज़ेभै तैणीं परमेशरो राज़ पूरी शगती संघै नांईं एछे, तेभै तैणीं निं तिन्नां लै मौत एछणी।"
2 छ़हा धैल़ी बाद निंयैं ईशू पतरास अर याकब अर जोहन्ना सोभै ज़ण्हैं कांगनरांगै दी एकी धारा प्रैंदा लै संघा।
तिधी बधल़ूई ईशूए काया तिन्नें सम्हनै एही कि 3 तेऊए झिकल़ै हुऐ इहै शेतै कि ऐहा पृथूईओ कोई बी धोबी निं तिहै झिकल़ै धोई सकदअ। 4 तिधी शुझुऐ तिन्नां चिई च़ेल्लै का परमेशरो गूर मोसा अर एलियाह अर तिंयां दुहै लागै ईशू संघै गल्ला करदै।
5 एता लै बोलअ पतरासै ईशू लै, "हे गूरू, अह हुअ ठीक कि हाम्हैं आसा ताह संघै इधी। हाम्हां बणाणैं इधी चअन मंडप, एक ताल्है, एक परमेशरे गूर मोसा लै अर एक एलियाह लै।" 6 तिन्नां का निं थोघै त कि किज़ै बोल़णअ, अर तिंयां थिऐ खास्सै डरै दै।
7 तैबै एक बादल़ घोर्हुअ तिन्नां प्रैंदै, बादल़ा पिछ़ू का शूणअ तिन्नैं कि परमेशर इहअ बोल्दअ, "अह आसा मेरअ पूत शोहरू हुंह करा एऊए बडी झ़ूरी एऊए शूणां ज़िहअ तम्हां लै बोले तिहअ।" 8 तिन्नैं भाल़अ फेर अर ईशू छ़ाडी निं तिन्नां आप्पू संघै होर कोहै शुझुअ।
9 धारा का उंधै होथदी बोलअ ईशू तिन्नां लै, "ज़ेभै तैणीं मुंह मणछे पूता परमेशर मरी करै भिई ज़िऊंदै निं करी हेरे, तेभै तैणीं निं इना गल्ला कोही का खोज़ी ज़ुंण तम्हैं आझ़ धारा प्रैंदै भाल़ी।"
10 तिन्नैं डाही ईंयां गल्ला आद अर आप्पू मांझ़ै लागै छफल़दै कि मूंऐं दै मणछो ज़िऊंदै हणैंओ मतलब किज़ै आसा होए?
11 तिन्नैं पुछ़अ ईशू का, "ईंयां शास्त्री, इहअ बोला, कि एलियाह गूरो आसा मसीहा का आजी एछणअ ज़रूरी?"
12 ईशू बोलअ तिन्नां लै, "ईंयां गल्ला, आसा सच्च़ी, परमेशरै आसा आप्पै बोलअ द कि एलियाह एछणअ। तेऊ करनै कई लोग मसीहा एछणें धैल़ी लै तैर। पर मुंह मणछे पूता लै इहअ किल्है आसा लिखअ द कि तेऊ लै हणैं खास्सै दुख अर सह निं तिन्नां किछ़ू कामों समझ़णअ?
13 "पर हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि एलियाह आसा मुक्कअ द एछी! ज़िहअ तिन्नें दिलै बोलअ तिहै किऐ तिन्नैं तेऊ लै दी ज़ुल्म ज़िहअ पबित्र शास्त्रा दी पैहलै ई आसा लिखअ द।"
14 ज़ांऊं ईशू अर तिंयां चअन च़ेल्लै होरी च़ेल्लै सेटा धारा का उंधै होथै, ईशू भाल़अ कि तिन्नां फेर आसा खास्सै मणछ कठा हुऐ दै अर शास्त्री आसा लागै दै तिन्नां संघै हठल़दै। 15 अर ईशू भाल़ी हुई सोभी बडी रहैनी, अर तेऊ सेटा लै ठुर्ही एछी किअ नमस्ते।
16 ईशू पुछ़अ तिन्नां का, "तम्हैं इना संघै किज़ू गल्ले बारै आसा हठल़दै लागै दै?"
17 तिधी कठा हुऐ दै खास्सै मणछा मांझ़ा का बोलअ एकी ईशू लै, "हे गूरू, मंऐं आसा आपणअ शोहरू ताह सेटा लै आणअ द तेऊ दी आसा काल्लअ भूत शाचअ द। 18 ज़िधी बी एऊ अह भूत एछा अह पल़ा तेभै धरनीं लाम्मअ, संघा निखल़ा एऊए खाखा का शेफा, अह कीला आपणैं दांद अर तेखअ फिरा अह ल़ेल़अ।
"मंऐं बोलअ तेरै च़ेल्लै का बी कि एऊ भूता काढा एऊ का पोर्ही पर इने भलै निस्सअ अह निखल़ी।"
19 इहअ शूणीं बोलअ ईशू तिन्नां लै, "हे बैहम करनै आल़ै लोगो! मुंह कधू तैणीं रहणअ तम्हां संघा कि तम्हैं विश्वास करे? मुंह केभै तैणीं रहणअ तम्हां न्हैल़ै लागी कि तम्हैं विश्वास करे? ओर्ही आणा एऊ लान्हैं मुंह सेटा लै!"
20 तिन्नैं आणअ सह ईशू सेटा लै अर ज़ांऊं ईशू सह भाल़अ, तेऊ भूतै मरोक्कअ सह मणछ धरनीं माट्टै जैंदरी बदल़ी अर तेऊए खाखा का निखल़ी शेफा।
21 तिन्नैं पुछ़अ तेऊए बाब का, "एऊए अह एही हालत कधू ओर्ही आसा?" 22 तेऊए बाब बोलअ, "एऊओ आसा अह हाल होछ़ी उझै, एऊ भूतै, अह हारी-मारी आणअ, केभै शोटअ अह तेऊ भूतै पाणीं जैंदरी, केभै शोटअ आगी जैंदरी, ज़ै तूह किज़ै करी सका, हाम्हां लै कर झींण अर एऊ कर ठीक।"
23 ईशू बोलअ तेऊ लै, "ज़ै तूह करी सका, अह कै गल्ल हुई? विश्वास करनै आल़ै लै सका सोभ गल्ला हई।"
24 शोहरूए बाबा का छ़ुटै तेभी लेरा लाई आशू अर तेऊ बोलअ, "हे ईशू, मुंह आसा विश्वास कि तूह सका मेरी मज़त करी पर मेरअ विश्वास निं पाक्कअ आथी। तूह कर मेरी मज़त ताकि मेरअ विश्वास पाक्कअ होए।"
25 ज़ांऊं ईशू भाल़अ कि तिधी झाल़्हुऐ खास्सै मणछ, तेखअ नैरअ सह भूत ईशू सह भूत इहअ बोली, "काल्लै-टौणैं भूता, हुंह बोला ताल्है एऊ शोहरूए देही का निखल़ पोर्ही, एथ निं तूह भिई फिरी एछदअ लागी।"
26 तेखअ पाई तेऊ भूतै ज़ोरै-ज़ोरै लैल़ा-क्रुंगा, संघा निखल़अ तेऊ शोहरू मरोक्की करै पोर्ही अर सह शोहरू रहअ धरनीं नर्तान पल़ी। तेऊ भाल़ी लागै लोग बोल्दै कि एऊ शोहरू शोटै प्राण। 27 पर ईशू ढाकअ तेऊ शोहरूओ हाथ, अर सह शोहरू उझ़ुअ खल़अ।
28 ज़ांऊं ईशू अर तेऊए च़ेल्लै घअरा लै आऐ, तिंयां लागै ईशू का कांगनरांगै इहअ पुछ़दै, "हाम्हैं तेऊ भूता किल्है निं काढी सकै?"
29 ईशू बोलअ तिन्नां लै, "इहै भूता सका तम्हैं सिधी प्राथणां करै काढी एतो निं होर किछ़ै लाज़ आथी।"
30 तेखअ डेऊऐ तिंयां तिधा का गलील मुल्खै बाती आजू। ईशू च़ाहा त इहअ कि ऐहा गल्लो थोघ निं लोल़ी कोही का लागअ।
31 किल्हैकि ईशू करा त आपणैं च़ेल्लै लै एही शिक्षा दैई अर इहअ बोली, "हुंह मणछो पूत बझ़ैल़णअ धोखै करै मेरै दुशमणा का कैद करनै कि मुंह मारी पाए। पर हुंह हणअ चिऊथै धैल़ै भिई ज़िऊंदअ।" 32 पर ईशूए ईंयां गल्ला निं तिन्नां समझ़ आई, इना गल्लो भेद पुछ़णै का बी लागा ती तिन्नां डअर।
33 तेखअ आऐ तिंयां कफरनहूम नगरी अर एकी मणछे घअरै पुजी ईशू तिन्नां का पुछ़अ, "बाता तम्हैं किज़ू गल्ला पिछ़ू तै हठल़दै लागै दै?"
34 तिंयां सोभ हुऐ च़ुप्पी, किल्हैकि तिंयां थिऐ बाता हांढदी इहअ हठल़दै लागै दै कि हाम्हां मांझ़ै बडअ कुंण आसा? 35 तेखअ बेठअ ईशू धरनीं अर तिंयां बारा च़ेल्लै शादै आप्पू सेटा, संघा बोलअ तिन्नां लै इहअ, "ज़ै तम्हां मांझ़ै कुंण बडअ हणअ च़ाहा, तेऊ लागा पैहलै सोभी का होछ़अ सोभिओ दास हणअ।"
36 तेखअ किअ ईशू तिन्नां मांझ़ा का एक लान्हअ खल़अ। सह आपणैं भोसल़ै बशैल़ी करै तिन्नां लै बोलअ,
37 "ज़ुंण बी मेरै नाओंऐं इहै शोहरू लै झींण करे, सह करा मेरी कदर। ज़ुंण मेरी कदर करा सह निं सिधी मेरी कदर करदअ पर सह करा तेऊ परमेशरे कदर ज़ुंणी हुंह संसारा लै आसा छ़ाडअ द।"
38 तेखअ बोलअ जोहन्ना ईशू लै, "हे गूरू, हाम्हैं भाल़अ तेरै नाओंऐं एक मणछ भूता काढदअ हाम्हैं लागै तै तेऊ लै नांईं करदै बी कि इहअ निं करै, किल्हैकि सह हाम्हां संघै, एछदअ निं आथी।"
39 ईशू बोलअ तिन्नां लै, "तेऊ रोक्कदै निं लागी किल्हैकि इहअ निं कोहै बी आथी ज़ुंण मेरै नाओंऐं च़मत्कारे काम करा अर तेभी बोले मुल्है बूरअ।
40 "ज़ुंण म्हारै खलाफ निं आथी सह आसा म्हारै पक्षा दी। 41 ज़ुंण बी मसीहे समझ़ी तम्हां लै एक गलास पाणींओ पणैऊंए तेऊ भेटणअ परमेशरा का तेतो फल।"
42 "ज़ुंण मुंह दी विश्वास करनै आल़ै इना लान्हैं ज़िहै भोल़ै मणछा का पाप कराऊआ, तेऊ लै दैणीं परमेशरा सज़ा। तेऊ लै हणअ त इहअ भलअ कि तेऊए गल़ै बडअ थरेट बान्हीं पाणअ त सह समुंदरै डबेऊई
43 "ज़ै तूह आपणैं हाथा करै पाप करा, तेता करै पाप करने पाआ छ़ाड, च़ाऐ ताह सह काटणअ किल्है निं पल़े। टुंडअ हई सदा रहणैं आल़ी ज़िन्दगी दी डेऊणअ आसा ताल्है एता का भलअ कि दुही हाथा संघै तूह जम्परीए आगी दी पल़े ज़ुंण आग कधि निं हिठदी। 44 जम्परी रहा तिन्नें देही खांदअ इहअ किल़अ लागी ज़ुंण कधि निं मरदअ अर नां कधि तिन्नां दहणैं आल़ी आग हिठदी।
45 "ज़ै तूह आपणैं खूरा करै पाप करा, तेता बी कर आप्पू का दूर। च़ाऐ ताह सह काटणअ किल्है निं पल़े। किल्हैकि लाट्टअ हई सदा रहणैं आल़ी ज़िन्दगी दी डेऊणअ आसा ताल्है एता का भलअ कि तूह दुही खूरा संघै जम्परीए आगी दी पल़े। 46 ‘जम्परी रहा तिन्नें देही खांदअ इहअ किल़अ लागी ज़ुंण कधि निं मरदअ अर नां कधि तिन्नां दहणैं आल़ी आग हिठदी।’
47 "ज़ै तेरी आछी का कई गल्ला भाल़ी तूह पाप करा, तिन्नां पापा दी पाणै आल़ी गल्ला भाल़णैं का रह दूर। च़ाऐ ताह सह आछ पोर्ही किल्है निं पल़े काढणीं। कांणअ हई ई परमेशरे राज़ा दी डेऊणअ आसा ताल्है भलअ कि तूह दूई आछी संघै जम्परी डेओए। 48 ‘तिन्नां हणैं इहै किल़ै पल़ै दै ज़ुंण कधि निं मरदै अर तिन्नां हणीं एही आग लागी दी ज़ुंण कधि निं हिठणी।’ईशा. 66:24
49 "परमेशरा करनअ हरेक मणछ आगी करै शुचअ ज़िहअ बल़ीदान किई दी च़िज़ा लूंण पाई शुचै करा तै। 50 लूंण आसा ठीक पर ज़ै लूंणो सुआद लूंणअ नांईं होए, तै सह किज़ू करै करनअ लूंणअ? आप्पू मांझ़ै रहा लूंणा ज़ेही साथ डाही मेल़-ज़ोल़।"