ब्रत
16 "ज़ेभै तम्हैं ब्रत करे, तेभै निं तम्हैं कपटी मणछा ज़िहअ मुंह डाही छ़ड़ाऊई। किल्हैकि तिंयां डाहा आपणअ मुंह शेऊई। ताकि लोगा का इहअ थोघ च़ले कि अह आसा ब्रतू। हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि तिन्नां गअ तेतो फल भेटी।
16 "ज़ेभै तम्हैं ब्रत करे, तेभै निं तम्हैं कपटी मणछा ज़िहअ मुंह डाही छ़ड़ाऊई। किल्हैकि तिंयां डाहा आपणअ मुंह शेऊई। ताकि लोगा का इहअ थोघ च़ले कि अह आसा ब्रतू। हुंह खोज़ा तम्हां का सत्त कि तिन्नां गअ तेतो फल भेटी।