16 आनी मे कंय बी सणक्या नी हय, के आहयी भक्ती नी ह़तायली वात घणी जुदी से,
मसी ईसु डील मे उजन्तो हयो,
अने आत्मा मे धरमी ठेर्यो,
ह़रगदुत ने देखाव पड़्यो,
आखा देसु ना माणहु मे तीनु परच्यार हयो,
आहयी कळी मे माणहु तीनी पोर भरहो कर्या,
अने तीहयो बड़ाय भेळ ह़रग मे उचलाय ज्यो।