9 पण जे मालदार हयवा नी हेर करे, तीहया एवी पारख मे, अने फंदा मे अने घण-जबर रीकामी अने नुकसान करवा वाळी लालच मे फस जाय, जे माणहु ने बगाड़ देय अने खत्तम कर देवा वाळी दर्या मे डुबाड़ देय। 10 धन नी हाय आखी भाती नी कुहराय ना मुळ्या से; ढेरेत जणा धन हात करवा नी हेर करते-करते भरहा गेथा वीरखाय जेला से, अने तीहया आह़फात भात-भाती नी मंदवाड़ मे पड़ ज्या।
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