9 मालीक आह़फा ना आव्वा ना वायदा मे वार नी करे, जीसम कय माणहु ह़मजे; पण तमारा बारा मे धीरज धरे अने आसम नी चाहतो के कोय खत्तम हये, बाखीन आखा ने मन फीराव्वा नो मोखो जड़े।
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9 मालीक आह़फा ना आव्वा ना वायदा मे वार नी करे, जीसम कय माणहु ह़मजे; पण तमारा बारा मे धीरज धरे अने आसम नी चाहतो के कोय खत्तम हये, बाखीन आखा ने मन फीराव्वा नो मोखो जड़े।