1 आपणी जुवानी ना दाड़ा मे आपणु ने बणाव्वा वाळा ने फोम राख, नीता आहया दाड़ा ना बाद तीहया गरा ना दाड़ा अने साल आवहे, जे दाड़ा मे तु कीही के मने आनन्द नी जड़तो। 2 तीहया दाड़ा मे तारी लेदे दाहड़ु अने वीजाळु, चांद अने तारा अंदारला हय जहे। अने पाणी पड़वान बाद वादळा अळी छवाय जहे। 3 तीहयी टेमे घोर ना रखवाळ्या कापहे, अने ताखत वाळा बी हार जहे अने दातु कम हयवा ना कारण चवाय नी सके, खीड़की मे सी देखवा वाळा डोळा आंदळा हय जहे? 4 अने ह़ड़क नी अवाज तमारा कान्टा ने ह़मळाय नी सके, घट्टीन दळवा नी अवाज धीरी पड़ जहे। ह़वारे चड़ा आड़वा नी अवाज सी जाग जही, अने आखा गाव्वा वाळा नो अवाज बी धीरो पड़ जहे। 5 अने उचला जागा मे तने बीक लागहे, अने चालीन जवा खतरनाक रेहे; बदाम नु झाड़कु फुले आवहे। अने टीड्या नो भार बड़वा बाज जहे; अने भुक बड़ाव्वा वाळु फोळ काम नी आवे, काहाके माणेह आपणा सदा ना घोर जहे। अने रड़वा-पीटवा वाळा ह़ड़ग्ये-ह़ड़ग्ये फीरहे? 6 तीहयी टेमे चांदी नी तार बे टुकड़ा हय जहे अने ह़ोना नो कटवरो फुट जहे, अने झोर ने तां वटळो फुट जहे, अने कुवान तां गड़गस टुट जहे। 7 ता धुळो कादा मे भेसकाय जहे, अने आत्मा भगवान पांह जत रेहे जे तीने आपलो हतो। 8 मास्तर आहयु केय के आखु कंय फालतुत फालतु; आखु कंय फालतुत से।
9 मास्तर, जे अक्कल वाळो हतो तीहयो असामी ने ग्यान बी ह़ीकाड़तो र्यो, अने ध्यान लगाड़ीन अने जाच-पारख करीन घणा नीती ना बोलु लाय्नबंद राखतो हतो। 10 मास्तर, मन ने गमे एवा बोल ह़ोद्यो अने सच्चाय नी ह़ीकापण आपण्या बोल लीख्यो। 11 अक्कल वाळा ना बोल आर वाळी लाकड़ीन तेवा रेय, अने मास्तर ना बोल ठोकली खुटीन तेवा से, काहा के एकीत गुवाळ्या भणी गेथा जड़े। 12 ए मारा सोरा, आमने छोड़ीन बीजी ह़ीकापण ना बारा मे चेतीन रेजे। ढेरेत कीताप्या ने लीखीन मेकवा नु खत्तम नी हये अने कीताप्या ने जादा भणवा सी डील ने थकाड़ देय। 13 जे कंय ह़मळ्या; तीनु आखरी मतलब आहयु से के भगवान नी बीक मान अने तीना हुकम ने पाळ्या कर; काहाके माणेह नु आखु करनु आहयुत से? 14 काहाके भगवान आखा कामु अने आखा ह़तायली वातु नो नीयाव करहे, भले तीहयी वात भली हय के बुरी।